
रिपोर्ट:- देवेन्द्र सुथार
रोहट: बजरी माफियाओं का आतंक—देर रात ट्रकों ने गांव में मचाया कहर, विद्युत लाइन व कई घरों की दीवारें क्षतिग्रस्त
पाली जिले के रोहट क्षेत्र में बुधवार रात बजरी माफियाओं का आतंक एक बार फिर देखने को मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, अवैध रूप से बजरी परिवहन करने वाले माफिया देर रात तेज़ रफ्तार में ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के काफिले के साथ गांव के बीचो-बीच घुस आए।
इस दौरान ट्रकों ने सड़क किनारे घूम रही कई गाएं काटीं, कई घरों की दीवारें क्षतिग्रस्त कर दीं और कई जगह बिजली के 11 केवी लाइन के तार भी तोड़ डाले, जिससे गांव के कई हिस्सों में अंधेरा छा गया।
घटना से गांव में हड़कंप मच गया। लोग रातभर सहमे रहे और कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। बच्चों और महिलाओं में खासा डर फैल गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि बजरी माफिया दिन-रात बेखौफ गांव में धड़ल्ले से ट्रक और ट्रॉली लेकर निकलते हैं, विरोध करने पर धमकियां भी देते हैं।
इस ताजा घटना में कई मकानों की दीवारें गिरीं, दरवाजे टूट गए और कई जानवरों के घायल होने के भी समाचार हैं। इलाके के विद्युत आपूर्ति को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे कई घंटे तक गांव बिजली रहित रहा। ग्रामीणों ने पुलिस और बिजली विभाग को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि अक्सर शिकायत करने के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई ढीली पड़ी है, जिससे माफियाओं का हौसला और बढ़ गया है। वहीं, अधिकारीयों का कहना है कि बजरी माफियाओं पर कार्रवाई के लिए विशेष पुलिस दस्ते का गठन किया गया है और दोषियों की तलाश तेज़ कर दी गई है।
राजस्थान के अन्य जिलों की तरह पाली में भी बजरी माफिया का बढ़ता दबदबा चिंता का कारण बन गया है। कानून व्यवस्था पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं, राजनीतिक स्तर पर इस मुद्दे को लेकर गर्माहट बनी हुई है, और लोगों को प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।
ग्रामीण (गुस्से में)
“रातभर ट्रक गांव में दौड़ते रहे, गाएं-बछड़े सब चपेट में आ गए। घरों और बिजली की लाइन तक तोड़ डाली, मगर प्रशासन अभी भी चुप है।”
महिला ग्रामीण (डर में)
“बच्चों को लेकर पूरी रात जागते रहे, डर था कहीं फिर से ट्रक न आ जाए। ऐसी दहशत पहले कभी नहीं देखी।”
युवा (प्रशासन से सवाल)
“शिकायत करते-करते थक गए, माफिया खुलेआम गांव में ट्रक भगाते हैं। अब तो तुरंत सख्ती की ज़रूरत है।




